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रविवार, 10 मई 2020

गर्भावस्था के दौरान आहार - Pregnant Women for Food

गर्भावस्था के दौरान आहार-

 Nutritious foods to eat when you're Pregnant



गर्भावस्था के दौरान औसतन 9 से 11 किलो वजन बढ़ता है  ! 

आमतौर पर गर्भावस्था के 9 महीनों के दौरान गर्भवती का वजन 9 से 12 किलो ग्राम तक बढ़ना चाहिए, 

पहली तिमाही में गर्भवती का वजन लगभग 2 से 3 किलो ग्राम  बढ़ता है, 

शेष समय में लगभग 9 किलोग्राम वजन की बढ़ोतरी  गर्भावस्था काल के अंतिम 6 महीनों में होती है, 

अंतिम 6  महीनों में हर महीने लगभग 1 किलो वजन तो बढ़ना किलो वजन तो बढ़ना ही चाहिए |

गर्भधारण के समय महिला का वजन 40 किलोग्राम से कम नहीं होना चाहिए
इसलिए गर्भवती को हर महीने वजन लिया जाना चाहिए ताकि उसकी वजन में हो रही बढ़ोतरी पर नजर रखी जा सके और जच्चा-बच्चा किसी संभावित खतरे से बचे रहें


गर्भावस्था के दौरान आहार-

(Nutrition During Pregnancy)


* गर्भावस्था के दौरान आपको दिन में एक अतिरिक्त भोजन खाना जरूरी है , 

* दूध और दही छाछ पनीर जैसे दूध उत्पाद लें   इनमें प्रचुर मात्रा में कैल्शियम प्रोटीन और विटामिन होते हैं, 

* ताजा मौसमी फल और सब्जियां खाएं क्योंकि विटामिन और खनिज मिलते हैं, 

* अनाज छिलके वाले अनाज और दालें प्रोटीन का अच्छा स्रोत होते हैं, 

*  हरा  साग लौह तत्व और फोलिक एसिड से भरपूर होता है मुट्ठीभर  लगभग 40 ग्राम मूंगफली के दाने और कम से कम 2 कप दाल से शाकाहारी लोगों के प्रोटीन से शाकाहारी लोगों के प्रोटीन की दैनिक जरूरत पूरी हो जाती है |

*  मांसाहारी लोगों के लिए मांस अंडा मुर्गी मछली प्रोटीन विटामिन और Iron तत्व के अच्छे  source hai
अपने आसपास के इलाके में उगाए जाने वाले स्थानीय मौसमी खाद्य पदार्थों सब्जियों और फलों का सेवन करें|

गर्भावस्था के दौरान आराम -

*  रात में 8 घंटे और दिन में कम से कम 2 घंटे आराम करें
*   बाय करवट लेते क्योंकि इससे गर्भस्थ शिशु को खून की आपूर्ति बढ़ जाती है
*  भारी सामान उठाने व कड़ी मेहनत वाले काम से बचें
*  काम में अपने ऊपर ज्यादा जोर ना दें और और दें और और कुछ काम दूसरों को सौंप दें ! 

पर्याप्त आराम से आपका शारीरिक और मानसिक तनाव दूर हो जाता है जो आपके और गर्भस्थ शिशु दोनों के लिए अच्छा होता है |

गर्भावस्था के दौरान खतरे के संकेत-

*  पेट में तेज दर्द
*  योनि से खून बहना
*  कमजोरी होना जल्दी थक जल्दी थक जाना और सांस 
*  फूलना
*   पैरों में सूजन होना
*   दौरे पड़ना
*   बुखार

अगर कोई  जटिलता हो तो अपने स्वास्थ्य और जीवन की रक्षा  के लिए तुरंत मदद लें  नजदीकी स्त्री रोग रोग विशेषज्ञ से मिलें  ! 

स्तनपान   कब आरंभ करना चाहिए केवल स्तनपान कब तक करना चाहिए ?
*  जन्म के तुरंत बाद नवजात शिशु को 1 घंटे के अंदर स्तनपान कराएं, 

इससे दूध भी भी जल्दी उतरता  है
यह बच्चे की बीमारी से लड़ने की शक्ति को बढ़ाता है शिशु को 6 महीने तक केवल मां का दूध दे , पानी भी नहीं देना है

  परिवार को सलाह -

(Advice for Family)

गर्भवती महिला को प्रत्येक तिमाही जांच के लिए पास के स्वास्थ्य उपकेंद्र /आंगनवाड़ी अथवा  आशा से मिलना चाहिए
गर्भवती महिला को सामान्य से अधिक मात्रा अधिक मात्रा में पौष्टिक भोजन लेना चाहिए ! 

महिला को प्रति day पर्याप्त आराम जरूरी है दोपहर को 2 घंटे का अतिरिक्त आराम  ! 
जन्म के तुरंत बाद जितना जल्दी हो सके स्तनपान जरूर कराएं  ! 

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