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सोमवार, 15 जून 2020

NUTRIENTS TO LOOK FOR AT 6-24 MONTHS | Nutrition Guide



Nutrition For 6 month- 2 Year children

6 माह से 2 साल के बच्चों में ऊपरी आहार 

बच्चे के क्षेमा पूरा हो जाने के बाद मां का दूध उसके पोषण के लिए पर्याप्त नहीं होता उसे मां के दूध के साथ ऊपरी पूरक आहार देना भी आवश्यक हो जाता है
बच्चे का पूरक आहार कब शुरू करना चाहिए और क्यों बच्चे के छे मां यानी कि 180 दिन पूरा होने पर पूरक आहार देना शुरू करें 6 माह के बाद बच्चा तीव्रता से बढ़ता है तथा उसे अतिरिक्त पोषण की आवश्यकता होती है जो केवल स्तनपान से पूर्ण नहीं होती है

 7 खाद्य समूह हैं 
1.अनाज कंद और मूल 

2. दालें फलियां एवं मेवा 
3. दूध एवं दुग्ध उत्पाद 
4. मांसाहारी भोजन 
5. विटामिन A युक्त पीले फल व सब्जियां 
6.  हरी पत्तेदार सब्जियां एवं अन्य फल
7. अंडे 

ऊपर दिए गए खाद्य समूह में से कम से कम 4 खाद्य समूह दैनिक आहार में शामिल करें, 

आयु के अनुसार पूरक आहार देने के दौरान कौन-कौन सी बातों का ध्यान रखना चाहिए? 

6 से 8 माह के शिशु के लिए

घर का बना हुआ ताजा एवं  Semi solid आहार मसल कर देना चाहिए तरल भोजन ना दें 
अंडा दही दलिया गाड़ी दाल गहरी हरी पत्तेदार सब्जियां या पीले फल दे दिन में दो बार आधी आधी कटोरी दे
 ( कटोरी = 250 ग्राम) 
 अतिरिक्त उर्जा के लिए एक चम्मच अतिरिक्त देसी घी / तेल भोजन में डालें |

 9 से 11  माह के शिशु के लिए

बच्चे को समय दें एवं स्वयं समय से भोजन करने की आदत डालें
 अंडा, दही ,दलिया, गाड़ी दाल ,गाड़ी हरी पत्तेदार सब्जियां या पीले फल दे
 दिन में तीन बार आधी कटोरी एवं एक से दो बार पौष्टिक नाश्ता (जैसे पका हुआ पपीता पका आम दही उबला अंडा) दे

12 से 23 माह के शिशु के लिए

 बच्चे को स्वयं अलग थाली या कटोरी में भोजन दें
बच्चे को स्वयं भोजन करने के लिए प्रोत्साहित करें
 दिन में तीन बार पूरी कटोरी   एवं एक से दो बार पोस्टिक नाश्ता दे 
बीमारी के दौरान बच्चे की भोजन के बारे में किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए ? 
बीमार बच्चे को भोजन कराना कम या बंद नहीं करें
 स्तनपान जारी रखें 
शिशु को पसंद के अनुरूप आहार दें 
बीमारी की   दौरान बच्चा कमजोर हो जाता है ठीक होने के उपरांत उसके खाने की मात्रा बढ़ा दे जब तक कि शिशु का वजन पहले के बराबर ना हो जाए

अनिच्छा से खाने वाले या कम खाने वाले बच्चे को कैसे भोजन खिलाए? 

जब शिशु को भूख लगे तभी भोजन कराएं भोजन को बदल बदल कर दें बच्चे के पेट को पानी जूस चॉकलेट चिप्स कुरकुरे शरबत आदि से नहीं भरे 
प्रत्येक  कौर खाने पर शिशु को प्रोत्साहित करें बच्चे को समय दें एवं बच्चे को भोजन कराते समय धैर्य रखें व खाना खिलाते समय कभी भी जबरदस्ती ना करें

बच्चों में Micro  पोषक तत्व
(Vitamin, Iron, Iodine, Zinc-ORS    ) 

आहार के अलावा सुषम पोषक Micro nutrition तत्वों में पोषक से बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है साथ ही उचित मानसिक व शारीरिक विकास होता है

क्या आप जानते हैं कि बच्चों को आयरन सिरप क्यों और कब देना चाहिए  ? 

 छोटे बच्चों में आयरन Iron की कमी से एनीमिया (Anemia ) एक गंभीर समस्या होती है या बच्चों के मानसिक विकास व बुद्धि को प्रभावित करती है
Iron देने से बच्चों में खून की कमी को रोका जा सकता है 
6 माह का होते ही बच्चे को आयरन सिरप पिलाना आरंभ करें 
6 माह से 5 वर्ष तक सभी बच्चों को 1ml सप्ताह में दो बार दें

क्या आप जानते हैं कि बच्चों को विटामिन ए कब और क्यों देना चाहिए ? 

  9 माह का होते ही बच्चे को विटामिन ए (Vitamin A) सिरप  पिलाया जाता है विटामिन ए से बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है तथा आंख से संबंधित रोगों से बचाता है 
9 माह से 5 वर्ष तक सभी बच्चों को साल में दो बार 6 से 6 माह के अंतराल पर कुल 9 बार विटामिन  दे 
पहली खुराक मिजलस या खसरा के टीके और दूसरी खुराक में मील बूस्टर के साथ डेढ़ साल पर दी जाती है 
तीसरे से चौथा खुराक 6 माह के अंतराल पर (जून और दिसंबर माह में) दी जाती है 
 जच्चा-बच्चा सुरक्षा कार्ड पर विटामिन ए की खुराक को दर्ज करवाएं

क्या आप जानते हैं कि  आयोडीन युक्त नमक का सेवन क्यों करना चाहिए  ? 

 आयोडीन (Iodine) मानसिक विकास के लिए आवश्यक तत्व है गर्भावस्था के दौरान व जीवन के पहले 2 वर्ष तक जब मस्तिष्क का विकास होता है इसका प्रयोग आवश्यक है
 पूरे परिवार विशेषता गर्भवती व छोटे बच्चे हेतु घर पर भोजन में आयोडीन युक्त नमक का ही प्रयोग करें
 आयोडीन घेघा जैसे रोगों से बचाव करता है

क्या आप   जानते  हैं ORS  एवं जिंक का प्रयोग कब और कैसे करना चाहिए ?

बार बार दस्त होने से बच्चा कुपोषित हो जाता है वर्ष एवं जीव का प्रयोग बच्चों में दस्त की रोकथाम के लिए किया जाता है 
दस्त के दौरान 2 माह से 6 माह तक के बच्चों में मां का दूध जारी रखें और साथ ही ओआरएस का घोल तब तक पिलाएं जब तक बच्चे का दस्त न जाए साथ में जिंक की आधी आधी गोली 14 दिनों तक लगातार दें|

 दस्त के दौरान 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों में स्तनपान भोजन जारी रखें और 7 वर्ष का गोल तब तक पिलाएं जब तक बच्चे का दस्त नारों के साथ में जिंक की एक-एक गोली 14 दिनों तक लगातार दो वर्ष Zinc की गोली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से प्राप्त करें |

 पोषण से संबंधित कोई प्रश्न हो तो comment   करें |
धन्यवाद

बुधवार, 3 जून 2020

Baby Nutrition 0-6 Months -Breast Milk offers the Best Nutritional Start




आइए इसमें हम जानेंगे- 0 से 6 माह तक के बच्चों में शीघ्र व केवल स्तनपान


Baby Nutrition 0-6 Months -Breast Milk offers the Best Nutritional Start


जन्म के तुरंत बाद स्तनपान एवं छह माह तक केवल मां का दूध देने से शिशु को सभी पोषक तत्व मिलते हैं और शिशु बीमारियों से बचा रहता है इसका विकास सही होता है  |
समूह चर्चा के दौरान पता चलता है बहुत सी  माता अपने शिशु को 6 माह से पहले ही कुछ अन्य के दाने मुंह में डाल देती है, जो कि गलत है  ,
स्तनपान कब आरंभ करना चाहिए और कब तक केवल मां का दूध पिलाना चाहिए  ?


जन्म के तुरंत बाद 1 घंटे के अंदर नवजात शिशु को स्तनपान कराएं , इससे दूध  भी जल्दी उतरता है जो मां के दूध की निरंतरता बन जाती है,
 शिशु को उचित पोषण भी मिलता है,
 शिशु को 6 माह तक केवल मां का दूध दे पानी भी नहीं दे,
 मां के दूध में शिशु की आवश्यकता अनुसार पानी होता है |


क्या बच्चे को मां के दूध के अलावा कुछ और भी देना चाहिए यह Question आता है   
शिशु को पानी, घूटी, शहद ,चीनी का पानी, गाय या भैंस का दूध आदि कुछ भी नहीं पिलाएं ,केवल मां का पहला   पीला गाढ़ा दूध जिसको खीश कहते हैं , जरूर दें यह बच्चे में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है वह संक्रमण से बचाव करता है
डॉक्टर के निर्देशानुसार आवश्यकता पड़ने पर ओ आर एस (ORS), वैक्सीन,  विटामिन, MINERAL,  का सिरफ दे सकते हैं |


माँ और  बच्चे को स्तनपान से क्या लाभ हैं  ?


Breastfeeding   कराने से मां को लाभ -
*जन्म  के तुरंत बाद स्तनपान से गर्भाशय  सिकुड़ने में सहायता मिलती है |
* प्रसव पश्चात प्लेसेंटा जल्द बाहर आता है |
* प्रसव के बाद अधिक खून बहने का खतरा घट जाता है | 


स्तनपान से Newborn baby को लाभ-


* मां का दूध 6 माह तक शिशु के मानसिक एवं शारीरिक विकास (Mental and Physical)  के लिए संपूर्ण आहार है |
* मां का दूध उसको रोगों से बचाता है
* चाइल्ड को मां के शरीर से  गर्माहट मिलती है
* माता और शिशु में घनिष्ठ और स्नेह और और संबंध बनता है


दूध पिलाते समय मां और बच्चे की अवस्था क्या होनी चाहिए ?
 
मां आराम से अपने पीठ का सहारा देते हुए बैठे और बच्चे को कमर एवं निचले भाग से सहारा देकर पकड़े,
बच्चे को शरीर का चेहरा मां के शरीर की तरफ मुड़ा हो,
दूध पीते समय बच्चे का निचला ओठं नीचे की ओर झुका हुआ हो और मुख बड़ा खुला हुआ हो एवं नाक मां के स्तन को छू रही हो |  मां के   स्तन का अधिकतर भूरा भाग बच्चे के मुंह के अंदर हो तथा  बच्चे के दूध गटकने की आवाज सुनाई दे |


मां का दूध शिशु के लिए पर्याप्त है इसका पता कैसे करें ?


* Newborn baby 24 घंटे में कम से कम 6 बार पेशाब करता करता हो,
* ठीक से सोता एवं एवं खेलता हो |
* शिशु का वजन बढ़ रहा हो |


 स्तनपान के दौरान मां के दूध की पर्याप्त मात्रा कैसे बनाएं रखें ?
आवश्यकता है कि Mother द्वारा शिशु को बार - बार  दूध पिलाएं,
 जब भी  बच्चा चाहे ,
दिन और रात दोनों समय
मां के दूध के बच्चे को 0 से 6 महीने   तक ऊपर से कुछ भी नहीं दें, पानी भी नहीं |
Important:-
World Breastfeeding Week 2020 will begin on
Saturday, 1 August
and ends on
Friday, 7 August
"World Breastfeeding Week is celebrated every year from 1 to 7 August to encourage breastfeeding and improve the health of mothers and babies. It commemorates the Innocenti Declaration signed in 
August 1990 by government policymakers, WHO, UNICEF and other organizations to protect, promote and support breastfeeding."