* विटामिन ए बच्चों के लिए क्यों आवश्यक है?
* विटामिन ए की कमी को पहचान बच्चों में कैसे करें
और 9 से 36 माह के उम्र के बच्चों में विटामिन ए की कमी की रोकथाम
और कमी के लक्षणों को दूर करने हेतु विटामिन ए की खुराक किस मात्रा में और कितनी बार दें |
1. Vitamin A विटामिन ए संबंधी कुछ आवश्यक बातें
विटामिन ए बच्चों के लिए आवश्यक है -
• शरीर की प्रतिरक्षा क्षमता को बढ़ाकर बीमारी की गंभीरता और अवधि में कमी लाने के लिए |
• आंखों को स्वस्थ बनाने और अंधेपन को रोकने के लिए |
• विटामिन ए की कमी के कारण बच्चों को दिए जाने वाले आहार में विटामिन ए की अधिकता वाले खाद्य पदार्थों का कम होना, अथवा नवजात शिशु को कोलोस्ट्रम खींच तथा मां का दूध ना मिलना |
• कुपोषण एवं अन्य बीमारी जैसे खसरा, दस्त, स्वसन, संबंधित संक्रमण आदि का होना जो विटामिन ए के अवशोषण में कमी लाती है और शरीर में विटामिन ए की क्षति होती है
• शरीर में विटामिन ए की कमी के परिणाम
• बच्चों में संक्रमण से लड़ने की शक्ति घट जाती है जिससे उनके बीमार होने तथा मित्र की संभावनाएं बढ़ जाती है|
• आंखों में रतौंधी, बिटाट स्पॉट , किरैटोमलेशिया कार्निवल अल्सर और अंधेपन की संभावनाएं बढ़ जाती है |
• विटामिन ए की कमी के लक्षण आसानी से पहचाने जाने वाले विश्वसनीय मापदंड
• रतौंधी, विटाट स्पॉट
• 2 वर्ष से बड़े बच्चों के लिए उनके घर वालों से निम्न प्रश्न पूछे |
• यदि इनमें से कोई भी प्रश्न का उत्तर हां है तो बच्चे को रतौंधी है
1. क्या आपके बच्चे को रात में या अंधेरे में या दिन में देखने में कठिनाई होती है
2. क्या बच्चा शाम को अंधेरा होने के बाद घर से बाहर अथवा अंधेरे कमरे में जाने से हिचकिचाता है?
3. क्या अंधेरा होने के पश्चात घर के एक कोने में बैठना पसंद करता है?
4. क्या रात होने पर बच्चा दीवार या अन्य किसी वस्तु से टकरा जाता है ?
5. क्या आपके बच्चे को रतौंधी है?
विटाट स्पॉट की पहचान आंखों में निम्न लक्षणों से होती है-
1st आंख की ऊपरी झिल्ली पर तिकोने चीजी या फोमी धब्बे का पाया जाना|
आंख की ऊपरी झिल्ली का चिकना तथा चमकदार के स्थान पर सुखा, खुरदरा होना,
उपयुक्त मात्रा में विटामिन ए होने से बच्चों को लाभ
* बाल मृत्युदर में लगभग 23% की कमी लाई जा सकती है,
* खसरे से होने वाले व्यक्तियों में 50% की कमी लाई जा सकती है, * अतिसार में होने वाले मृत्यु से में 40% की कमी लाई जा सकती है, विटामिन ए की कमी से रोकथाम के उपाय केवल स्तनपान 6 माह तक बच्चे के जन्म के आधे घंटे के अंदर मां बच्चे को अपना दूध पिला दे,
* मां अपना पहला दूध खीर या कोलोस्ट्रम जो प्रथम तीन दिन तक निकलता है बच्चे को अवश्य पिलाएं ,
* शिशुओं में कोलोस्ट्रम विटामिन ए का मुख्य स्रोत होता है शुरुआत के 6 महीने माताएं बच्चे को सिर्फ अपना दूध पिलाएं, पानी धुटी, शहद, भी ना दें ,
* 6 माह के बाद पूरक और ठोस आहार सीमा के पास से मां बच्चे को आदत ठोस आहार देना शुरू करें- जैसे चावल, दाल ,रोटी, हरी सब्जियां इत्यादि का मिश्रण, जिसमें थोड़ा तेल मिला हो वह दिन में 3 से 5 बार अवश्य दें
* मां बच्चे को विटामिन ए से भरपूर खाद्य पदार्थ दें साथ में मां बच्चे को अपना दूध पिलाती रहें ,
* मां बच्चे को अपना दूध कम से कम 2 वर्ष तक अवश्य पिलाएं,
विटामिन ए की नियमित खुराक देना, पहली खुराक 9 से 12 महीने की आयु के हिसाब से टीके के साथ नियमित टीकाकरण के समय बच्चे को प्राप्त हुई है|

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें